हे ईश्ववर
Wednesday, 15 August 2018
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अकेले हैं तो क्या गम है
तुमसे प्यार करना और किसी नट की तरह बांस के बीच बंधी रस्सी पर सधे हुए कदमों से चलना एक ही बात है। जिस तरह नट को पता नहीं होता कब उसके पैर क...
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हे ईश्वर मैं आज बुरी तरह हारा हुआ महसूस कर रही हूँ। आज पहली बार एहसास हो रहा है कि मुझे इन्सानों की ज़रा भी पहचान नहीं है। मैं हर बार ...
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हे ईश्वर आपने मेरे साथ ऐसे क्यूँ किया ? कुछ भी कह लेते वो मैं सुन लेती। पर यही क्यूँ ? ‘ गले पड़ी हो ’ ऐसे जैसे कोई फांस होती है। इ...
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मेरे ईश्वर अपमान का एक नया घूंट आज फिर ये मुझे पिलाने आ गए। एक बार फिर मेरी प्रतिभा , निष्ठा , विश्वास , योग्यता सब पर सवाल उठा दिया। ...
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